रिपोर्टर मोहम्मद कैफ खान
रामनगर। गर्मी के मौसम में नदियों, तालाबों और जलाशयों में नहाने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है, लेकिन जरा सी लापरवाही किसी की जान भी ले सकती है। हाल ही में रामनगर में एक बच्चे की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्चा दोस्तों के साथ नहाने गया था, लेकिन अचानक वह गहरे पानी में चला गया और बाहर नहीं निकल पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी गहरा था। जिससे वह वापस किनारे तक नहीं आ सका। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार जलाशयों और नदियों में ‘रिप करंट’ और ‘अंडर करेंट’ जैसी प्राकृतिक धाराएँ बनती हैं, जो किसी को भी अपनी ओर खींच सकती हैं। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर पानी के अंदर गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिससे व्यक्ति संतुलन खो बैठता है और डूबने की संभावना बढ़ जाती है। आखिर ये रिप करेंट और अंडर करेंट होता क्या है इसको समझते है। रिप करेंट एक तेज, संकरी जलधारा होती है जो समुद्र तट से दूर गहरे पानी की ओर बहती है। यह तब बनती है जब लहरें तट की ओर आती हैं और फिर वापस समुद्र में लौटती हैं। यह धारा इतनी शक्तिशाली हो सकती है कि अच्छे से अच्छा तैराक भी इसके सामने असहाय हो जाए। विशेषज्ञों के मुताबिक, रिप करेंट की गति 8 फीट प्रति सेकंड तक हो सकती है, जो ओलंपिक तैराकों की औसत गति से भी ज्यादा है। यह आमतौर पर शांत दिखने वाले पानी में बनती है, जिसके कारण लोग इसे पहचान नहीं पाते और फंस जाते हैं। वहीं दूसरी ओर अंडर करेंट पानी की सतह के नीचे बहने वाली एक छिपी धारा होती है। यह समुद्र तल के पास बहती है और सतह पर दिखाई नहीं देती। अंडर करेंट तब खतरनाक हो जाता है जब यह तैराकों को नीचे की ओर खींचता है या उन्हें तट से दूर ले जाता है। यह अक्सर चट्टानों, गहरे गड्ढों या समुद्र की संरचना के कारण उत्पन्न होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार जलाशयों और नदियों में ‘रिप करंट’ जैसी प्राकृतिक धाराएँ बनती हैं, जो किसी को भी अपनी ओर खींच सकती हैं। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर पानी के अंदर गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिससे व्यक्ति संतुलन खो बैठता है और डूबने की संभावना बढ़ जाती है। इस तरह के हादसों से बचने के लिए कुछ ज़रूरी सावधानियाँ:
बच्चों को अकेले पानी में न उतरने दें। अनजान जलाशयों में नहाने से बचें, विशेषकर वहाँ, जहाँ गहराई का अंदाजा न हो। अगर कोई डूब रहा हो तो बिना सुरक्षा उपायों के पानी में न कूदें, बल्कि रस्सी या लकड़ी का सहारा दें। प्रशासन को ऐसे खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिए। स्थानीय प्रशासन से निवेदन है कि संवेदनशील जल क्षेत्रों की पहचान कर वहाँ उचित सुरक्षा इंतज़ाम किए जाएँ, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। सावधान रहें सुरक्षित रहें।