Tuesday, April 1, 2025
spot_img
Homeउत्तराखंडटाइगर की दहशत में ग्रामीण, 27 मार्च को एसडीएम कार्यालय पर होगा...

टाइगर की दहशत में ग्रामीण, 27 मार्च को एसडीएम कार्यालय पर होगा धरना

रिपोर्टर मोहम्मद कैफ खान

रामनगर। ग्राम सावल्दे पूर्वी के ग्रामीणों में टाइगर के बढ़ते आतंक को लेकर जबरदस्त आक्रोश है। आए दिन घरों तक पहुंच रहे बाघ और जंगली जानवरों के खौफ से परेशान ग्रामीणों ने संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आगामी 27 मार्च को उप जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। ग्रामीणों का कहना है कि कॉर्बेट पार्क प्रशासन सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि टाइगर के हमले से जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। वे सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि जंगली जानवरों के हमलों में मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए, जबकि घायलों का संपूर्ण इलाज सरकारी खर्चे पर हो और उन्हें 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके अलावा, ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों और अन्य जंगली जानवरों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई है, जिससे लगातार हमले बढ़ रहे हैं। वे चाहते हैं कि धारण क्षमता से अधिक टाइगर और लेपर्ड को अन्य सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडौला, उपनिदेशक राहुल मिश्रा और रेंज अधिकारी भानुप्रकाश हर्बोला को दोषी ठहराते हुए कहा कि इन अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा को लेकर घोर लापरवाही बरती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। गांव के लोगों का यह भी कहना है कि प्रशासन ने उल्टा उन पर ही फर्जी मुकदमे लाद दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेंज अधिकारी भानुप्रकाश हर्बोला ने 5 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद और 50 अन्य लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा दिए हैं, जिन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। उनका साफ कहना है कि यह लड़ाई अब आर-पार की होगी और जब तक टाइगर के आतंक से मुक्ति नहीं मिलती, वे पीछे नहीं हटेंगे।

Rafi Khan
Rafi Khan
Editor-in-chief
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments